यमुना नगर का इतिहास सही मायने में विभाजन के बाद से ही शुरू होता है, सबसे
पहले यमुना नगर तब प्रकाश में आया जब बंटवारे के बाद पाकिस्तान से लोग
यहाँ पर आये इसमें कुछ कोलोनिओ को सरकार ने उनके लिए ही आरक्षित कर दिए थे।
थोड़ा और पहले का इतिहास देखते है तो हम पाएंगे की यमुना नगर का पहले नाम अब्दुल्लाहपुर था, इसको बाद में जमनानगर और उसके बाद यमुनानगर कर दिया गया और यही नाम १९४७ तक और उसके बाद भी जाना जाता है।
यमुना नगर के इतिहास में इसके जिले बनाये जाने का समय १९४७ के आसपास ही है, जब बंटवारा हुआ तब यमुना नगर अम्बाला जिले का अंतरगत आता था, परन्तु जब इसके प्रशासनिक कार्यो में दिक्कते आयी तो इसे एक पूर्ण जिला बना दिया गया।
Read more- यमुनानगर हरियाणा, यमुना नगर का नक्शा
थोड़ा और पहले का इतिहास देखते है तो हम पाएंगे की यमुना नगर का पहले नाम अब्दुल्लाहपुर था, इसको बाद में जमनानगर और उसके बाद यमुनानगर कर दिया गया और यही नाम १९४७ तक और उसके बाद भी जाना जाता है।
यमुना नगर के इतिहास में इसके जिले बनाये जाने का समय १९४७ के आसपास ही है, जब बंटवारा हुआ तब यमुना नगर अम्बाला जिले का अंतरगत आता था, परन्तु जब इसके प्रशासनिक कार्यो में दिक्कते आयी तो इसे एक पूर्ण जिला बना दिया गया।
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